छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में कांग्रेस नेता आपस में भिड़ गए। बात हाथापाई तक पहुंच गई। दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस की सही जानकारी नहीं देने को लेकर पूरा विवाद हुआ। इस दौरान एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकी गई, कांच के गिलास तोड़ दिए गए। इसका वीडियो भी सामने आया है। हाथापाई के समय नेताओं के कपड़े भी फट गए। मामला इतना बढ़ गया कि जिलाध्यक्ष को पुलिस बुलानी पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब नेताओं को समझाने की कोशिश की तब भी वे मानने को तैयार नहीं थे। सख्ती के बाद मामला शांत हुआ। इसमें 1 हफ्ते पहले कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष बने विजय साव के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। विवाद की तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा मामला ये पूरा विवाद जिला उपाध्यक्ष विजय साव, पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद और शहर कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष निर्मल जैन के बीच हुआ। जानकारी के अनुसार, गुरुवार (2 अप्रैल) दोपहर करीब 3 बजे महंगाई पर जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने पत्रकार वार्ता की। पीसी के बाद जिला उपाध्यक्ष विजय साव ने आरोप लगाया कि, पार्टी पदाधिकारियों को पत्रकार वार्ता की सूचना ठीक से नहीं दी गई थी। इस बात को लेकर नेताओं के बीच पहले तो बहस हुई फिर नोकझोंक होते होते हाथापाई तक पहुंच गई। मारपीट कर कुर्सियां-ग्लास फेंकी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीनों के बीच जमकर मारपीट भी हुई है। गुस्से में आकर प्लास्टिक की कुर्सियां और ग्लास फेंकी गईं, जिससे कई कुर्सियां और कांच के ग्लास चकनाचूर हो गए थे। आरोप यह भी है कि जिला उपाध्यक्ष विजय साव ने पूर्व कोषाध्यक्ष निर्मल जैन को मारा है। बुलानी पड़ गई पुलिस स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद बाकी नेताओं को बीच-बचाव करना पड़ा। फिर भी माहौल शांत नहीं हुआ। आखिरकार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने पुलिस को फोन कर बुलाया। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने जिला उपाध्यक्ष विजय साव को पुलिस ने समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे कांग्रेस भवन छोड़ने को तैयार नहीं थे। सख्ती के बाद मामला शांत हुआ। 1 हफ्ते पहले उपाध्यक्ष बने नेता पर FIR दर्ज बता दें कि विजय साव वार्ड नंबर-28 का पार्षद है। इससे पहले भी वह 3 बार पार्षद रह चुका है। उन्हें 1 हफ्ते पहले ही जिला उपाध्यक्ष बनाया गया था। इस विवाद के बाद उन पर FIR दर्ज हुआ है। ………………………… यह खबर भी पढ़ें… जग्गी हत्याकांड…अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी दोषी करार:3 हफ्ते के अंदर करना होगा सरेंडर, CBI के साक्ष्य के आधार पर हाईकोर्ट का फैसला छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को दोषी करार दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। CBI के साक्ष्य को स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
