जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के बुचीडंडी और बिरनीपोथार गांव को जोड़ने के लिए करीब 9.5 किमी की पक्की सड़क बनेगी। दोनों गांवों के 80 घरों में करीब 400 लोग रहते हैं। इसमें 15 घर विशेष पिछड़ी जनजाति के भी हैं। इन गांव वालों ने कभी सड़क नहीं देखी। पहली बार ऐसी करीब 777 बस्तियों तक सड़क बनने जा रही है। ये सड़कें अधिकतर सरगुजा संभाग की हैं। इन सड़कों की मांग पिछले 77 साल से की जा रही थी। कभी बजट तो कभी किसी और कारणों से इन सड़कों की तरफ किसी ने नहीं देखा। दरअसल, केंद्र ने विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के लिए छत्तीसगढ़ समेत देश की छोटी बस्तियों तक पहुंच मार्ग बनाने के लिए 4444 किमी की सड़कें मंजूर की हैं। इनमें से 55% यानी 2499 किमी केवल छत्तीसगढ़ में बनाई जानी हैं। इसके लिए केंद्र ने 1699 करोड़ रुपए मंजूर भी कर दिए हैं। केंद्र सरकार कमार, पहाड़ी कोरवा, अबूझमाड़िया, बैगा व बिरहोर जनजाति की बस्तियों तक सड़क बनाना चाहती है। इसी लक्ष्य के तहत पीवीटीजी (विशेष पिछड़ी जनजाति समूह) योजना शुरू की गई है। पीवीटीजी योजना में केंद्र से मिले 1699 करोड़ रुपए दो घर के लिए भी बनेगी सड़क
केंद्र ने ऐसी बस्तियां जिनमें कम से कम दो सदस्य कमार, पहाड़ी कोरवा, अबूझमाड़िया, बैगा और बिरहोर जनजाति के हैं, उनको पीवीटीजी बसाहट के रूप में चिह्नित किया है। 100+ आबादी वाली ऐसी बस्तियों के लिए सड़क बनानी है। छत्तीसगढ़ में ऐसी बसाहट वाली 1052 बस्तियों की पहचान की गई है। इनमें से अब तक 74% बस्तियों के लिए सड़क मंजूर हो चुकी है। मार्च तक 600 किमी सड़क ^पीवीटीजी योजना के तहत छत्तीसगढ़ के लिए स्वीकृत सड़कों में से अगले साल मार्च तक 600 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य रखा गया है। केके कटारे, प्रमुख अभियंता, पीएमजीएसवाय
