महाकुंभ की कथा समुद्र मंथन, गरुड़ और अमृत कलश से जुड़ी है। अमृत कलश से छलकी बूंदें चार स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक, और उज्जैन पर गिरीं थी। ग्रहों के विशेष योग पर इन स्थानों पर कुंभ आयोजित होता है। 2025 में महाकुंभ प्रयागराज में हो रहा है। आइये बताते हैं इससे जुड़ी पौराणिक कथा…
