आरोपित बाजार से सस्ते मूल्य पर रिफाइंड, वनस्पति घी, पाम आयल खरीदते थे। इसमें एसेंस के साथ थोड़ा-सा असली घी मिलाकर नकली देसी घी तैयार करते थे। फैक्ट्री मैनेजर का कहना था कि कंपनियों का एक्सपायरी माल पूजा के लिए घी बनाने के नाम पर खरीदा जाता था। नकली देसी घी की लागत 170 रुपये प्रति किलोग्राम आती थी।
