BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव कर सकता है:A+ ग्रेड खत्म करने की तैयारी, कोहली-रोहित B ग्रेड में जा सकते हैं

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BCCI अपने सालाना सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बदलाव की तैयारी कर रहा है। सिलेक्शन कमेटी ने मौजूदा स्ट्रक्चर में मौजूद A+ ग्रेड को खत्म करने और उसकी जगह केवल तीन कैटेगरी A, B और C रखने का प्रस्ताव दिया है। इस समय A+ ग्रेड के खिलाड़ियों को 7 करोड़ रुपए मिलते हैं, लेकिन नए मॉडल में सैलरी और ग्रेडिंग का ढांचा बदला जा सकता है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है या नहीं, इस पर फैसला अगली एपेक्स काउंसिल मीटिंग में लिया जाना है। सूत्रों के अनुसार सिलेक्शन कमेटी चेयरमैन अजित अगरकर की अगुआई में दिए गए इस सुझाव के लागू होने पर सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा को B ग्रेड में रखा जा सकता है, जबकि वे फिलहाल A+ कैटेगरी में हैं। इसी ग्रेड में अभी जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि नया सिस्टम खिलाड़ियों की फॉर्मेट भागीदारी पर ज्यादा जोर देगा, जिसमें तीनों फॉर्मेट खेलने वालों को प्राथमिकता मिल सकती है। कोहली-रोहित B ग्रेड में जाएंगे भारत के लिए सिर्फ एक फॉर्मट खेलने वाले विराट कोहली और रोहित शर्मा को B ग्रेड में रखा जाएगा। दोनों प्लेयर अब सिर्फ वनडे खेलते हैं। कोहली-रोहित पहले ही टेस्ट और टी-20 से रिटायरमेंट ले चुके हैं। क्या है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट हर साल खिलाड़ियों को दिए जाते हैं। अभी इसमें चार ग्रेड हैं A+ (7 करोड़), A (5 करोड़), B (3 करोड़) और C (1 करोड़ रुपए), जो मैच फीस के अलावा होते हैं। 2024-25 में कोहली-रोहित A+ ग्रेड में थे 2024-25 का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट अप्रैल 2025 में जारी हुई थी। इसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, रवींद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह A+ ग्रेड में थे। वहीं मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पंड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत को ग्रेड A में जगह मिली थी। ग्रेड B में सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर शामिल थे। ग्रेड C में रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, वॉशिंगटन सुंदर, मुकेश कुमार, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, रजत पाटीदार, ध्रुव जुरेल, सरफराज खान, नीतीश कुमार रेड्डी, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, आकाश दीप, वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। धोनी को 2019 में बाहर किया गया था एमएस धोनी ने 2014 में टेस्ट क्रिकेट छोड़ा था और उसके बाद वे सिर्फ वनडे और टी-20 खेलते रहे। 2018-19 के BCCI कॉन्ट्रैक्ट साइकिल (अक्टूबर 2018 से सितंबर 2019) में धोनी A+ ग्रेड में थे। इसके बाद उन्हें टॉप ब्रैकेट से हटा दिया गया। 2019-20 के कॉन्ट्रैक्ट में धोनी को ग्रेड A (₹5 करोड़) में शामिल किया गया, लेकिन अगस्त 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वे कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर हो गए। विमेंस क्रिकेट में 3 ग्रेड BCCI के महिला सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में खिलाड़ियों को तीन ग्रेड ए, बी और सी में बांटा जाता है। 2024-25 सीजन के अनुसार, ग्रेड ए में तीन सीनियर खिलाड़ी शामिल हैं हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा। इन तीनों खिलाड़ियों को सालाना 50 लाख रुपए का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट मिलता है। ग्रेड बी में चार खिलाड़ी रखी गई हैं। इस सूची में रेणुका ठाकुर, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष और शेफाली वर्मा शामिल हैं। ग्रेड बी की खिलाड़ियों को सालाना 30 लाख रुपए दिए जाते हैं। वहीं ग्रेड सी में कुल नौ खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें यास्तिका भाटिया, राधा यादव, श्रेयांका पाटिल, तितास साधु, अरुंधति रेड्डी, अमनजोत कौर, उमा छेत्री, स्नेह राणा और पूजा वस्त्राकर के नाम शामिल हैं। इस ग्रेड की खिलाड़ियों को सालाना 10 लाख रुपए की सैलरी मिलती है। विमेंस टीम ने हाल ही में वनडे वर्ल्ड कप जीता था इंटरनेशनल लेवल पर विमेंस और मेंस को बराबर मैच फीस (पे-पैरिटी) मिलती है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। महिला खिलाड़ी पूरे सीजन काफी मैच खेलती हैं, लेकिन उनकी फीस कम है। भारत की हाल की वनडे वर्ल्ड कप जीत के बाद इस फैसले की मांग और तेज हुई है। इसलिए फीस बढ़ाने का प्रस्ताव बैठक के सबसे अहम मुद्दों में शामिल है।

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