रायपुर में करोड़ रुपये के क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन घोटाले में गौरव मेहता ने खुद को इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) का फॉरेंसिक ऑडिटर बताकर धोखाधड़ी की। उसने सोशल मीडिया पर पुणे पुलिस द्वारा सम्मानित किए जाने का फर्जी सर्टिफिकेट भी डाला था। बीते दो दिनों से ईडी की टीम उसके ठिकाने पर छापेमारी कर रही है।
