Chaitra Purnima Vrat 2026 Date: 1 या 2 अप्रैल को लेकर है Confusion? जानें सही तारीख और Puja विधि

0
1
हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को चैत्र पूर्णिमा का व्रत किया जाता है। हर महीने एक बार पूर्णिमा तिथि आती है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से मानसिक शांत और सुख-समृद्धि मिलती है। हालांकि इस बार चैत्र पूर्णिमा को लेकर कंफ्यूजन बना है। क्योंकि इस बार 01 अप्रैल और 02 अप्रैल दोनों दिन पूर्णिमा तिथि रहेगी। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि चैत्र पूर्णिमा का व्रत कब किया जाएगा।

तिथि और मुहूर्त

बता दें कि 01 अप्रैल की सुबह 07:07 मिनट पर चैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरूआत होगी। वहीं 02 अप्रैल की सुबह 07:42 मिनट पर पूर्णिमा तिथि की समाप्ति हो जाएगी। शास्त्रों के विधान के मुताबिक जिस दिन शाम के समय पूर्णिमा तिथि रहती है, उस दिन ही पूर्णिमा का व्रत किया जाता है। ऐसे में उदयातिथि के मुताबिक पूर्णिमा तिथि का व्रत 01 अप्रैल 2026 को करना शास्त्र सम्मत माना जाएगा। वहीं पूर्णिमा का स्नान दान 02 अप्रैल की सुबह किया जाएगा।

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। फिर व्रत का संकल्प लें। अब एक लकड़ी की चौकी पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। इस मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का अभिषेक करें और उनको वस्त्र और फल-फूल आदि अर्पित करें। इसके बाद पूर्णिमा व्रत कथा का पाठ करें। वहीं पूजा के अंत में आरती करें और भगवान को भोग लगाएं। फिर शाम को चंद्र देव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।

महत्व

चैत्र पूर्णिमा का व्रत करने से धन संकट और दरिद्रता दूर होती है। धन संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है और इस दिन चंद्र देव को अर्घ्य देने से व्यक्ति का मनोबल मजबूत होता है। अगर किसी जातक की कुंडली में चंद्र दोष है, तो इस व्रत को करने से वह भी दूर हो जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here