मध्य प्रदेश में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।लंबे समय तक बैठकर काम करने और असंतुलित खानपान से लोगों में यह बीमारी बढ़ रही है। इसे लेकर सरकार की ओर से पूरे प्रदेश में एक साथ 12,264 स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।
