दरअसल डालर को मजबूत करने के लिए ट्रंप तेल नीति से अन्य महाशक्तियां भी अपनी मुद्रा को मजबूत करने और स्वर्ण भंडार बढ़ाने में जुट रही है। वैश्विक स्तर पर जोखिम की भावना भी सोने चांदी की खरीद को बढ़ावा दे रही है। ऊपर में सोने के भाव 4482 डालर तक पहुंच गए। आगे बाजार अब अमेरिकी महंगाई और नौकरियों के आंकड़े पर नजर लगाए हुए हैं।
