आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि करंट खाता एक लाख रुपये में और सेविंग खाता तीस हजार रुपये में किराये पर लेते थे। इसमें ठगी की रकम किराए पर लिए खातों में आती थी, फिर वाट्सएप पर इन्हें वालेट मिलते थे। क्रिप्टो ट्रेडिंग कर इसे हिडन वालेट में ट्रांसफर कर देते थे।
