Hindi Diwas Special: पद्मजा लाड ने अपनी पाक कला के माध्यम से भी हिंदी को समृद्ध किया। उन्होंने कई पाक कला प्रतियोगिताओं में पश्चिमी महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के व्यंजन बनाकर, उनकी विधि हिंदी में बताई और कई पुरस्कार जीते। इस कार्य के दौरान उन्हें हिंदी वर्णमाला और उच्चारण का सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि उनके छात्र मराठी, हिंदी, सिंधी और उर्दू जैसी विभिन्न भाषाओं के हैं।
