भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से पीड़ित अधिकांश मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती करवाने का प्रशासन का फैसला सवालों के घेरे में है। आखिर क्यों शासकीय अस्पतालों की व्यवस्था पर स्वयं प्रशासन को ही भरोसा नहीं है? जबकि सरकार और प्रशासन इन अस्पतालों की तारीफों के पुल बांधते नहीं थकते।
