हिंदू धर्म में कालाष्टमी का दिन का विशेष महत्व माना जाता है। कलाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव को समर्पित है। इस दिन काल भैरव जी की असीम शक्ति और सुरक्षा पाने का सबसे पावन अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, समय के देवता और संकटों को नाश करने वाले काल भैरव की साधना से बड़े-बड़े नजर दोष और नकारात्मक शक्तियां थर-थर कांपने लगती हैं। इस बार 11 मार्च यानी कल कालाष्टमी तिथि के दिन अपने जीवन के अंधरों को मिटाकर खुशियों का सवेरा ला सकती हैं। यदि आप लंबे समय से मानसिक तनाव या किसी अदृश्य बाधा से परेशान हैं, तो यह दिन उससे मुक्ति पाने का अच्छा अवसर हो सकता है।
माना जाता है कि काल भैरव की दिव्य शक्ति अत्यंत प्रभावशाली होती है और उनकी कृपा से घर में फैली नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है। 11 मार्च 2026 के इस विशेष दिन का लाभ उठाना शुभ माना जाता है, क्योंकि ऐसे अवसर बार-बार नहीं मिलते। इस लेख में हम आपको बताएंगे ऐसा उपाय, जिसे करने से न सिर्फ नजरदोष से छुटकारा मिलता है, बल्कि कई तरह की परेशानियां दूर होती हैं।
क्या आपके साथ बार-बार ऐसा हो रहा है?
– नजरदोष- घर के सदस्यों का बार-बार बीमार पड़ना या बिना कारण चिड़चिड़ापन।
– अचानक से रुकावटें आना- बनते हुए काम आखिरी समय पर बिगड़ जाते हैं।
– घर में नकारात्मक- घर में प्रवेश करते हुए मन भारी होना या अशांति महसूस करना।
काल भैरव का शक्तिशाली उपाय
भगवान काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए कालाष्टमी के दिन काले रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही शाम के समय इस विधि को पूरी श्रद्धा करें।
– मिट्टी या पीतल का एक दीपक लें और इसमें सरसों को तेल भरें।
– तेल में थोड़े से काले तिल डालें। काले तिल इसलिए क्योंकि ये राहु-केतु के दोषों को शांत कर देती है।
– दीपक जलाकर पूरे घर के हर कोने में इसको जरुर घुमाएं।
– इस दीपक को बाथरूम और स्टोर रूम के पास भी दिखाएं।
– अंत में इस दीपक को अपने घर के मुख्य द्वार पर रखें।
