प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इसे व्यवसाय संबंधित प्रकोष्ठ बता रहे हैं जबकि कांग्रेस के ही कुछ नेताओं का मानना है कि यह निर्णय पार्टी के धर्मनिरपेक्ष और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। इससे जातिवाद को बढ़ावा मिलता है। जाति आधारित प्रकोष्ठ गठन से समाज में विभाजन बढ़ता है और यह चुनावी लाभ के लिए जातिगत राजनीति का हिस्सा है।
