पीड़ित ने बताया कि नौ अप्रैल 2025 को घर पर कागज आया, जो अंग्रेजी में था। 25 जुलाई को फिर नोटिस आया। तो मोहल्ले में रहने वाले परिचित वकील को कागज दिखाया। उन्होंने आयकर का नोटिस बताते हुए पड़ताल की तो पता चला कि भिंड के उसके बैंक खाते के अलावा दिल्ली में भी खाता संचालित है, जो शौर्या ट्रेडिंग कंपनी से जुड़ा है।
