राज्य सरकार ने समय-समय पर कहीं व्यापार तो कहीं आवासीय परियोजना के लिए भूमि लीज पर दी। परिवार बड़े हो गए और बंटवारा हो गया। एक भूमि के दो हिस्सों में निर्माण कर लिया गया। जब लीज का नवीनीकरण कराने लोग जाते हैं तो मूल स्वरूप न होने के कारण नहीं हो पाता है।
