MP में 2 लोगों को कुल्हाड़ी से काटा:छत्तीसगढ़ के किलर को सुपारी, बेटा बोला-मम्मी-पापा को काटकर तुरंत भागेंगे,बर्थडे पर मारे थे थप्पड़

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मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में डबल मर्डर केस में हत्या से पहले का वीडियो सामने आया है, जिसमें सौतेला बेटा और 4 अन्य सहयोगी मर्डर प्लान करते नजर आ रहे हैं। सौतेला बेटा कह रहा है कि तुरंत काटकर पांचों लोग भाग जाएंगे। इनमें एक किलर छत्तीसगढ़ का रहने वाला भी है। सौतेले बेटे ने अपने मां-बाप को मारने के लिए 5 लाख की सुपारी दी थी। इस हत्याकांड में 5 लोग शामिल थे। इनमें मास्टरमाइंड का नाम आलोक पटेल, कुल्हाड़ी से काटने वाले का देवेंद्र सोनवानी और सक्षम केशरवानी है। सक्षम कोरिया जिले का रहने वाला है। वहीं 2 नाबालिग मर्डर करते वक्त साथ में थे। सबसे पहले जानिए कैसे रची गई डबल मर्डर की साजिश ? दरअसल, 4 दिसंबर को डबल मर्डर की साजिश रची गई। तय हुआ कि राजेंद्र पटेल (40) और रूपा पटेल को मारना है। 5 लाख रुपए में डबल मर्डर की डील तय हुई। आग तापते हुए डील की रिकॉर्डिंग एक नाबालिग अपने मोबाइल में कर ली। वीडियो में सुनाई दे रहा है कि सौतेला बेटा आलोक और उसके सहयोगी मर्डर प्लान कर रहे हैं। एक युवक कह रहा..मुझे ये बताओ, जो सिस्टम अभी करेंगे, मारेंगे। इन लोगों का घर ज्यादा दूर भी नहीं है। मारकर गाड़ी उठाएंगे और तुरंत चुपचाप यहां से निकल जाएंगे। इसके बाद सौतेला बेटा अपने सहयोगी से कह रहा है कि ठीक है न। वहीं फिर दूसरा कोई बोलता है कि एक गाड़ी चलाता रहेगा, तो सौतेला बेटा बोलता है कि नहीं…काहे को गाड़ी चलाएंगे। गाड़ी बंद रहेगी। मम्मी पापा को तुरंत काटकर भाग जाएंगे, फिर सौतेला बेटा गाली देता हुआ भी सुनाई देता है। अब जानिए साजिश में कौन-कौन शामिल हुए ? राजेंद्र पटेल का सौतेला बेटा आलोक उर्फ सूरज पटेल (18), राजेंद्रग्राम के बरटोला निवासी देवेन्द्र सोनवानी (18) और छत्तीसगढ़ के कोरिया निवासी सक्षम केशरवानी (18) मुख्य किरदार थे। इनके साथ 2 नाबालिग भी शामिल थे, जो 16-16 साल के हैं। साजिश के मुताबिक मुख्य 9-10 दिसंबर की रात करीब 1 बजे सभी लखनपुर पहुंचे, जहां आलोक सभी किराए के किलर से मिला। इसके बाद कुल्हाड़ी, वसूला, लाठी और सिलबट्टे के बट्टे साथ में लिए। इसके बाद सोते हुए राजेंद्र, रूपा और नौकरानी सीमा बैगा पर हमला कर दिया। हमले में राजेंद्र पटेल और सीमा बैगा की मौके पर ही मौत हो गई। रूपा पटेल गंभीर रूप से घायल थी। पांचों आरोपियों ने कुल्हाड़ी और वसूला से काटा। सिलबट्टे के बट्टे से तीनों को कुचला था, लेकिन रूपा पटेल बच गई। हालांकि उसकी हालत नाजुक है। अब जानिए डबल मर्डर का कैसे पता चला ? राजेंद्र के बेटे आलोक पटेल (मास्टरमाइंड) ने बताया था कि हमारा परिवार खेती करता है। मैं मंगलवार रात 11 बजे घर से ट्रैक्टर लेकर खेत चला गया था। पक्का घर बनवा रहे हैं, इसलिए सभी खुले बरामदे में ही सो रहे थे। सुबह जब मैं घर पहुंचा तो पापा खून से लथपथ बरामदे के पिलर पर पड़े थे। वहीं नौकरानी सीमा का शव उसके बिस्तर पर था। उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था। मम्मी की हालत गंभीर है। वह कुछ भी बोलने के स्थिति में नहीं है। छोटा भाई आयुष पटेल (8) घर के अंदर सो रहा था। उसे किसी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। आलोक ने पड़ोसियों और ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद गांव वाले रूपा को अनूपपुर जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टर्स ने रूपा को जिला अस्पताल से शहडोल रेफर किया। शहडोल से जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बयान देने की हालत में नहीं है। अब जानिए कैसे पकड़े गए पांच आरोपी ? राजेंद्र पटेल का बेटा आलोक लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा था। उसके बयान बदलने से पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन वह खेत जोतने जाने की बात पर अड़ा रहा, फिर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। इस दौरान आलोक ने जुर्म कबूल कर लिया। आलोक ने बताया कि 4 लोगों को मम्मी-पापा को मारने के लिए 5 लाख की सुपारी थी। पैसे किसी को नहीं दिया था, लेकिन डील फाइनल हो गई थी। मर्डर के बाद पैसे सभी को देता। इसके बाद पुलिस ने आलोक समेत 2 नाबालिगों को अरेस्ट किया। वारदात के चौथे दिन पुलिस ने कोरिया से सक्षम केशरवानी और अनूपपुर के राजेंद्रग्राम से देवेंद्र सोनवानी को अरेस्ट किया। सभी आरोपियों ने मिलकर डबल मर्डर की पूरी कहानी बताई। इसमें आरोपियों ने कहा कि मारने सिर्फ राजेंद्र पटेल और रूपा को था, लेकिन सीमा गलती से मारी गई। अब जानिए बेटे ने क्यों दी थी मां-बाप की सुपारी ? पुलिस के मुताबिक आलोक उर्फ सूरज पटेल अपने मां-बाप से नाराज था। राजेंद्र पटेल ने पहली पत्नी पार्वती को छोड़कर रूपा पटेल से दूसरी शादी की थी। आलोक पहली पत्नी का बेटा है। पिता और सौतेली मां बचपन से ही उसे भेदभाव करते थे। डांटते और यह कहते थे कि जमीन-जायदाद छोटे बेटे आयुष को देंगे। इससे आलोक गुस्से में था। 25 नवंबर को 18वें जन्मदिन पर पिता ने दोस्तों संग बाहर जाने पर आलोक को डांटा और थप्पड़ भी मारा। इससे नाराज होकर उसने अपने 16 वर्षीय दोस्त से संपर्क किया। पिता-सौतेली मां की हत्या के लिए लड़के तलाशने को कहा। 4 दिसंबर को उसकी मुलाकात एक अन्य नाबालिग से हुई और 5 लाख रुपए में डील तय हुई। पूरी बातचीत नाबालिग ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जो पुलिस के लिए अहम सबूत बना। कोर्ट ने 3 आरोपियों को भेजा जेल, 2 को बाल सुधार अनूपपुर एसपी मोती उर रहमान ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, वसूला और मोबाइल भी जब्त कर लिए गए हैं। दोहरी हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में आलोक, सक्षम और देवेंद्र समेत 2 नाबालिगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 3 को जेल और नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा है।

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