मध्य प्रदेश सरकार ने आठ वर्षों से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया फिर शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे चार लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मेरिट और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति होगी। सुप्रीम कोर्ट में लंबित आरक्षण मामले को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई गई है।
