संघ के प्रांताध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शासन ने न्यायिक व गैर न्यायिक कार्य का विभाजन कर दिया था। जैसे जो राजस्व अधिकारी न्यायिक कार्य करेंगे, वे गैर-न्यायिक कार्य नहीं कर सकेंगे। इसी तरह जो अधिकारी गैर न्यायिक कार्य करेंगे, वे न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। इसी के विरोध के चलते छह अगस्त से तहसीलदार व नायब तहसीलदार राजस्व संबंधी कार्य नहीं कर रहे थे।
