समितियों में जिम्मेदार लोगों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र देकर बीमा क्लेम राशि का आहरण किया था, जिसकी शिकायत राजगढ़ जिले के सारंगपुर थाने में की गई थी। इसके बाद ईओडब्ल्यू में शिकायत की गई थी। इस पूरे प्रकरण में 1485 खातों की जांच की गई। इसमें बीमा कंपनी एलआइसी और सेंट्रल बैंक को नोडल एजेंसी बनाया गया था।
