मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को भरमार है और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल खाली हैं। प्रदेश भर में करीब छह हजार अतिशेष शिक्षक हैं। वहीं अभी तक आठ हजार शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादले किए गए हैं, जबकि दो हजार प्रशासकीय तबादले हुए हैं।
