अगर किसी व्यक्ति के जीवन में साढ़े साती शुरू हो जाती है, तो उसका जीवन कठिनाइयों और परेशानियों से भर जाता है। जब तक साढे़ साती के तीनों चरण पूरे नहीं हो जाते तब तक व्यक्ति के जीवन से परेशानियों से घिरा रहता है। वहीं साढ़े साती से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। वहीं ज्योतिष शास्त्र में भी कई उपायों के बारे में बताया गया है। लेकिन किसी भी उपाय का सफल होना इस बात पर निर्भर होता है कि वह उपाय कब और किस समय किया गया है।
Navratri Aur Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति के लिए नवरात्रि में करें ये उपाय, दूर होंगी सारी मुसीबतें
नवरात्रि में कुछ उपायों को करने से व्यक्ति से साढ़े साती के प्रभाव को कम किया जा सकता है। लेकिन यह उपाय इसको पूरी तरह से खत्म नहीं कर सकते हैं। साढ़े साती के प्रभाव को कम करने का सबसे सिद्ध समय नवरात्रि का होता है, फिर चाहे वह चैत्र नवरात्रि हो या शारदीय नवरात्रि। नवरात्रि के दौरान किए गए उपाय निश्चित फलदायी होते हैं। इस दौरान किए गए उपायों से व्यक्ति पर शनि देव की कृपा बरसने लगती है। इसलिए आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि नवरात्रि में साढ़े साती के प्रभाव को दूर करने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
साढ़े साती से मुक्ति पाने के उपाय
साढ़े साती में शनि देव साढ़े सात साल तक व्यक्ति को उसके कर्मों का फल प्रदान करते हैं। साढ़े साती 3 चरण में होती है और हर चरण ढाई साल का होता है। नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है। सप्तशती का अर्थ सात श्लोकों के दिव्य और अलौकिक संग्रह से होता है, जिसमें मां दुर्गा की महिमा के बारे में बताया जाता है।
नवरात्रि पर साढ़े साती के प्रभाव से बचने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करना श्रेष्ठ माना जाता है। सात साल की साढ़े साती के दौरान हर एक साल के लिए 100 श्लोक यानी की सात सालों के लिए 700 श्लोक पढ़ना। वहीं साल के आखिरी जो 6 महीने होते हैं, यानी की आधा साल उसके लिए दुर्गा कवच का 6 बार अखंड पाठ करना चाहिए। इसलिए नवरात्रि के 9 दिनों तक रोजाना दुर्गा सप्तशती और दशमी पर दुर्गा कवच का पाठ किए जाने से व्यक्ति को साढ़े साती के प्रभाव से राहत मिल सकती है।
नवरात्रि में करें उपाय
बता दें कि शनि की पूजा साढ़ेसाती के कष्टों को कम करने में जरूरी मानी जाती है। नवरात्रि में शनिदेव की पूजा और व्रत करने से साढ़ेसाती के प्रभाव में कमी आती है। शनि मंदिर जाकर शनि मंत्र ‘ऊँ शं शनैश्चराय नम:’ मंत्र का नियमित रूप से जाप करें। शनिदेव की मूर्ति के सामने तेल का दीपक जलाना शुभ होता है। इस दिन काले तिल, लोहे का सामान या फिर काले वस्त्रों का दान करें।
चैत्र नवरात्रि के दौरान हनुमान पूजा का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में साढ़े साती से मुक्ति के लिए हनुमान पूजा का संकल्प करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इस उपाय से शनि के प्रतिकूल प्रभाव कम होते हैं और शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। वहीं हनुमान जी की पूजा और व्रत से संकट कटते हैं। व्यक्ति जीवन में सफलता और समृद्धि के मार्ग पर चलता है। नवरात्रि के पावन मौके पर शमी के पौधे पर काले तिल चढ़ाना शुभ होता है।
