Bastar Chhattisgarh: चार दशक बाद 40 गांवों में खुलकर संविधान को सलामी दी गई। आज उन गांवों में भी राष्ट्रगान गूंजा, जहां 26 जनवरी को सन्नाटे का दिन होता था। दरवाजे बंद रहते थे, बच्चे बाहर नहीं निकलते थे और तिरंगे का नाम लेना भी खतरे से खाली नहीं था। आज वही ग्रामीणों ने अपने हाथों से झंडा फहराया।
