इंदौर में 1953 में जब शास्त्री ब्रिज शुरू हुआ था उस वक्त यह मध्य भारत का पहला टू-टू लेन रेलवे ओवरब्रिज था। हाल ही में शास्त्री ब्रिज को चूहों ने कुतर दिया था। इस वजह से बड़ा गड्ढा हो गया था। नए ब्रिज में रेलवे वाले हिस्से में कोई पिलर नहीं होगा। यही वजह है कि ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है।
