Shattila Ekadashi 2025: षटतिला एकादशी के दिन तिल के तेल का दीपक क्यों जलाया जाता है

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 सनातन धर्म में एकादशी का विशेष महत्व देखने को मिलता है। एकादशी के दिन श्री विष्णु की विधिवत रुप से पूजा-अर्चना की जाती है। हर साल कुल 24 एकादशी तिथियां पड़ती है और प्रत्येक महीने में 2 एकादशी की तिथि आती है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी इस साल 25 जनवरी, दिन शनिवार को पड़ रही है। एकादशी के दिन श्री विष्णु की विधिवत रुप से पूजा की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु क तिल अर्पित करना शुभ माना जाता है। षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु के समक्ष तिल का दिया जलाना काफी शुभ होता है। 
षटतिला एकादशी के दिन तिल के तेल का दीया जलाने के लाभ
– ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सफेद तिल सूर्य देव प्रतिनिधित्व करते हैं और काला तिल शनि देव का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में षटतिला एकादशी के दिन तिल के तेल का दीया जलाने से सूर्य और शनि की स्थिति कुंडली में मजबूत होती है। दोनों ग्रहों की कृपा मिलती है।
– यदि आपके कुंडली में शनि या सूर्य दोष के कारण जीवन में परेशानियां आ रही हैं तो वह दोष दूर होता है और समस्याओं में कमी आने लगते हैं। माना जाता है कि षटतिला एकादशी के दिन तिल के तेल का दीया जलाने से साढ़े साती के दौराम मिलने वाले कष्ट समाप्त होता है।
– जिस जातक के जीवन में तरक्की रुक गई है और अनेकों प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है, तो आप षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु के समक्ष तिल को घी में डालकर दीया जलाएं। कपूर के साथ भी जला सकते हैं।
– इस दिन सफेद या काले तिल का दीया दोनों को मिलाकर कपूर के साथ दीया जलाने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

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