Tulsi Puja: Tulsi Plant को चुनरी चढ़ाना शुभ या अशुभ? जानें Puja से जुड़े ये खास Rules, वरना होगी बड़ी भूल

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हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को सिर्फ पौधा नहीं बल्कि साक्षात मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। विशेष रूप से तुलसी को शालिग्राम की पत्नी के रूप में पूजा जाता है। तुलसी का विवाह शालिग्राम से कराया जाता है। तुलसी की पूजा करना, जल अर्पित करना और उनकी परिक्रमा करना आदि परंपरा से ज्यादा पुण्यकर्म माना जाता है। इसी आस्था के चलते कई भक्त तुलसी के पौधे को चुनरी ओढ़ाते हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि ऐसा करना सही है या गलत। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि तुलसी को चुनरी ओढ़ाना सही है या गलत।

जानिए तुलसी को चुनरी चढ़ाना सही है या गलत

सनातन धर्म में किसी भी विवाहित महिला या फिर देवी को वस्त्र ओढ़ाना सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करना माना जाता है। तुलसी को ‘मां’ या ‘वृंदा देवी’ कहकर संबोधित किया जाता है। ऐसे में तुलसी को चुनरी ओढ़ाने का मतलब है कि उनको आप एक सुहागिन देवी के रूप में आदर देना और पूजा करना है।

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वहीं हिंदू धर्म में तुलसी को भगवान श्रीहरि विष्णु की पत्नी मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जहां पर तुलसी का पौधा होता है, वहां पर मां लक्ष्मी का भी वास होता है। लक्ष्मी जी को वस्त्र अर्पित करने से जातक के जीवन में सुख-समृद्धि, धन और ऐश्वर्य बना रहता है। तुलसी को चुनरी ओढ़ाना पवित्रता और सुरक्षा का भाव प्रदान करता है।
तुलसी को चुनरी ओढ़ाना इस बात का भी प्रतीक है कि भक्त देवी मां की देखभाल कर रहे हैं और उनकी मर्यादा को बनाए रख रहे हैं। ज्योतिष में तुलसी के पौधे का संबंध वैसे तो सभी ग्रह से है, लेकिन इसका मुख्य नाता बुध और बृहस्पति ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। इन्हीं ग्रहों से जुड़ी चुनरी तुलसी के पौधे को ओढ़ाई जाती है।
बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए तुलसी को हरे रंग की चुनरी ओढ़ानी चाहिए। बृहस्पति की कृपा पाने के लिए तुलसी के पौधे को पीले रंग की चुनरी ओढ़ानी चाहिए। लेकिन सिर्फ महिलाएं ही चुनरी अर्पित कर सकती हैं।
धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक जब भी किसी विवाहित महिला को सम्मान देने के लिए उनको वस्त्र या माला चढ़ाया जाता है या पूजा के समय वस्त्र अर्पित किए जाते हैं, तो ऐसा सिर्फ महिलाओं द्वारा किया जाता है। पुरुषों को इसका अधिकार नहीं है।
धार्मिक दृष्टिकोण से चुनरी चढ़ाना एक शुभ, शुद्ध और स्वीकृत परंपरा है। अगर आप साफ मन और पूरे श्रद्धा के साथ यह कार्य करती हैं, तो निश्चित रूप से यह शुभ फलदायी होता है। वहीं तुलसी को चुनरी अर्पित करने से जुड़े कुछ और भी नियम हैं।
तुलसी को चुनरी अर्पित करते समय ध्यान रखें कि यह नया, साफ और धुला हुआ हो। फटी-पुरानी और गंदी चुनरी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। लाल, पीला और नारंगी रंग की चुनरी अर्पित करना शुभ माना जाता है। वहीं आप तुलसी को हरे रंग की चुनरी भी अर्पित कर सकते हैं। सप्ताह में एक बार चुनरी जरूर बदलनी चाहिए।

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