भोपाल के यूनियन कार्बाइड कारखाने(Union Carbide Waste Disposal) से निकाला गया 337 टन जहरीला कचरा पीथमपुर के रामकी प्लांट में जलाया जाएगा। यह कचरा 40 साल पहले भोपाल गैस त्रासदी के समय से पड़ा हुआ था। कचरे में रेडियोधर्मी रसायन तो खत्म हो गए हैं, लेकिन सेविन और नेफ्थाल जैसे रसायन अभी भी मौजूद हैं।
